Lord Shiva Quotes in Hindi

 

Lord Shiva Quotes in Hindi

  1. When Shiva beats his DAMRU DAM DAM- Evil Shakes and the Wise Awakes.
  2. He is all and everything. He is the universe.
  3. Both the eyes are one-sided. To get the perfect balance, you need Shiv Ji's third eye.
  4. Shiva is just born out of reverberation. ...
  5. When the world puts you in trouble.



मैं बचपन से भोले का पुजारी डमरू का मुझे जोग लगा

रोया नहीं कभी शिव भक्ति मे शिव चरणों का मुझे रोग लगा |


मैं और मेरे भोलेनाथ दोनों ही भुलक्कड़ है,
वो मेरी गलतियाँ भूल जाते है और मैं उनकी मेहरबानियाँ  ||


महाकाल वो है जो नहीं है, और जो नहीं है वो महाकाल है ||

महादेव हो जब इस दुनिया से मेरी विदाई तो इतनी मोहलत मेरी सांसो को देना

एक बार और हर हर महादेव  कह लेने देना || 

भटक भटक के मैं जग हारा, संकट में दिया ना कोई साथ ।
सुलझ गई हर एक समस्या, महादेव ने जब पकड़ा हाथ ।।

मेरी हैसियत  से ज्यादा मेरे थाली में तूने परोसा  है,
तु लाख मुश्किलें भी दे दे मालिक, मुझे तुझपे भरोसा है 

मौत भी खड़ी रहे जाये देखकर जिसको, जिस पे चंद्रमा जड़ा है
शत्रु के सीने में त्रिशूल खोपे वो स्मशान में खड़ा है ||
 || ॐ हर हर महादेव  ॐ  ||

जो बंधन में है वो जीव है
जो बंधन मुक्त है वो शीव है

मन छोड़ व्यर्थ की चिंता तू शिव का नाम लिये जा
शिव अपना काम करेंगे तू अपना काम किये जा

मस्तक सोहे ‪चन्द्रमा‬,गंग ‪जटा‬ के बीच ,‪‎श्रद्धा‬ से ‪शिवलिंग‬ को, निर्मल जल मन से सीच !!

शिव की ज्योति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरूर मिलता है;
जो भी जाता है भोले के द्वार, कुछ न कुछ ज़रूर मिलता है !

ना पूछो मुझसे मेरी पहचान…
मैं तो भस्मधारी हूँ …
भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ …
” हर हर महादेव “


ज़िंदगी का हर एक पल मस्ती से गुज़ारा है हमने,
कण कण में महादेव हैं बसते, जब से ये स्वीकारा है हमने..!!

जो समय की चाल हैं, अपने भक्तों की ढाल हैं,
पल में बदल दे सृष्टि को, वो महाकाल हैं..!!

झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे,
वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे..!!

आँधी तूफान से वो डरते हैं, जिनके मन में प्राण बसते हैं,
वो मौत देखकर भी हँसते हैं, जिनके मन में महाकाल बसते हैं..!!

धन्य धन्य भोलानाथ तुम्हारी, कोडी नही खजाने मे,
तीन लोक बसती मे बसा कर, आप रहे बीराने मे..!!


भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होने वाले देव है | शंकर जी को प्रसन्न करने और मनचाहा वरदान पाने के लिए बहुत सारी स्तुतित्यों की रचना की गयी |


परन्तु शम्भू नाथ की पञ्चरत्नं स्तुति अद्भुत परिणाम देने वाली है कियुँकि इसकी रचना भगवान श्री कृष्ण जी ने की है | इसका पाठ जरूर करें |

॥ श्री शिव पञ्चरत्न स्तुती शिव महापुराणे ॥

श्रीकृष्ण उवाच  

मत्तसिन्धुरमस्तकोपरि नृत्यमानपदाम्बुजम् ।

भक्तचिन्तितसिद्धिदानविचक्षणं कमलेक्षणम् ।

 भुक्तिमुक्तिफलप्रदं भवपद्मजाऽच्युतपूजितम् ।

 कृत्तिवाससमाश्रये मम सर्वसिद्धिदमीश्वरम् ॥ १॥ 

वित्तदप्रियमर्चितं कृतकृच्छ्रतीव्रतपश्चरैः ।

 मुक्तिकामिभिराश्रितैर्मुनिभिर्दृढामलभक्तिभिः ।

 मुक्तिदं निजपादपङ्कजसक्तमानसयोगिनाम् ।

 कृत्तिवाससमाश्रये मम सर्वसिद्धिदमीश्वरम् ॥ २॥ 

कृत्तदक्षमखाधिपं वरवीरभद्रगणेन वै ।

 यक्षराक्षसमर्त्यकिन्नरदेवपन्नगवन्दितम् ।

 रक्तभुग्गणनाथहृद्भ्रमराञ्चिताङ्घ्रिसरोरुहम् ।

 कृत्तिवाससमाश्रये मम सर्वसिद्धिदमीश्वरम् ॥ ३॥

नक्तनाथकलाधरं नगजापयोधरनीरजा-

 लिप्तचन्दनपङ्ककुङ्कुमपङ्किलामलविग्रहम् ।

 शक्तिमन्तमशेषसृष्टिविधायकं सकलप्रभुम् ।

 कृत्तिवाससमाश्रये मम सर्वसिद्धिदमीश्वरम् ॥ ४॥

रक्तनीरजतुल्यपादपयोजसन्मणिनूपुरम् ।

 पत्तनत्रयदेहपाटनपङ्कजाक्षशिलीमुखम् ।

 वित्तशैलशरासनं पृथुशिञ्जिनीकृततक्षकम् ।

 कृत्तिवाससमाश्रये मम सर्वसिद्धिदमीश्वरम् ॥ ५॥ 

 ॥ फलश्रुतिः॥ 

यः पठेच्च दिने दिने स्तवपञ्चरत्नमुमापतेः ।

 प्रातरेव मया कृतं निखिलाघतूलमहानलम् ।

 तस्य पुत्रकलत्रमित्रधनानि सन्तु कृपाबलात् ।

 ते महेश्वर शङ्कराखिल विश्वनायक शाश्वत ॥ ६॥ 

॥ इति श्रीशिवमहापुराणे च्युतपुरीमाहात्म्ये श्रीकृष्ण कृत श्रीशिवपञ्चरत्नस्तुतिः सम्पूर्णम् ॥






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