एक भिखारी था वह भीख मांगा करता था

रेलवे स्टेशन पर वह रोज आता था और एक ट्रेन में बैठकर
वह दूसरे रेलवे स्टेशन पर जाता था
एक दिन उसको एक बिजनेसमैन मिला उसके दिमाग में ख्याल आया
एक दिन उसको एक बिजनेसमैन मिला उसके दिमाग में ख्याल आया
कि हो सकता है यह मुझे ज्यादा पैसे देगा तो क्यों ना मैं इससे भीख मांगू
जब वह बिजनेसमैन के पास गया भीख मांगने के लिए
तो उसने उसको भगा दिया और जाते हुए कहा कि कितने वेवकूफ आदमी हो तुम
मुझे यह बताओ कि तुम्हारे पास मेरे को देने के लिए क्या है????
जब वह बिजनेसमैन के पास गया भीख मांगने के लिए
तो उसने उसको भगा दिया और जाते हुए कहा कि कितने वेवकूफ आदमी हो तुम
मुझे यह बताओ कि तुम्हारे पास मेरे को देने के लिए क्या है????
जब खुद तुम किसी को कुछ दे नहीं सकते
तो मांगना छोड़ दो दोस्तों भिखारी के दिमाग में यह विचार कौंधा
घर आने के बाद वह सोचने लगा कि मैं क्या दे सकता हूं लोगों को तब ही
उसके दिमाग में ख्याल आया कि कि मैं आगे से लोगों को एक
फूल दूंगा छोटे-छोटे फ़ूल
जब भी वह लोगों से भीख मांगता और बदले में उनको फूल देता
जब भी वह लोगों से भीख मांगता और बदले में उनको फूल देता
लोग सोचते कि यह भी भिखारी कितना अच्छा है पहली बार इस
तरीके का बिगारी देखने को मिला है जो बदले में फ़ूल देता है
अब दूसरी बार वही बिजनेसमैन उसको मिला उसने उसको भीख मांगी उससे तो
इस बार उस बिजनेसमैन ने उसको पैसे दिए और बदले में वह फ़ूल ग्रहण किया
और बिजनेसमैन ने यह कहा कि हां अब मैं तुमसे यह कह सकता हूं
कि तुम एक सच्चे बिजनेसमैन हो क्योंकि जब तक तुम दूसरे को दे नहीं सकते
तब तक दूसरों से मांगना छोड़ दो दोस्तों वह भिखारी रेलवे स्टेशन पर बाहर आया
और वह जोर से चिल्लाया हो कि मैं भी बिजनेसमैन बन के दिखाऊंगा
और सभी लोग उस पर हंसने लगे 6 महीने तक भिखारी वहाँ वहां पर नहीं दिखा
और अगली बार जब वह वापस ट्रेन में आया तो उस व्यक्ति से
उसकी वापस मुलाकात हुई और इस बार वह दोनों
व्यक्ति सूट बूट में थे और तीसरी बार जब वह भिखारी उससे मिला तो
उसने बिजनेसमैन को कहा कि हम तीसरी बार मिल रहे है बिजनेसमैन ने कहा
कि नही पहली बार
जब मैं भीख मांगता था दूसरी बार जब मैं आपसे मिला तो मैंने आपको फूल दिया था
जब मैं भीख मांगता था दूसरी बार जब मैं आपसे मिला तो मैंने आपको फूल दिया था
बदले मैं आपसे पैसे लिए थे और आज मैं आपके बराबर
बात कर रहा हूं और मेरा फूलों का बहुत बड़ा बिजनेस है
दोस्तों वह बिजनेसमैन शुभकामनाएं देता है
दोस्तों वह बिजनेसमैन शुभकामनाएं देता है
तो इस कहानी का मूल संदेश यही है कि एक विचार
अगर आप खुद को बदलना चाहते हो तो खुद को बदलने के लिए
अगर आप खुद को बदलना चाहते हो तो खुद को बदलने के लिए
सिर्फ एक विचार पर्याप्त है
एक विचार आपकी जिंदगी में रौनक ला सकता है और सबसे महत्वपूर्ण बात
एक विचार आपकी जिंदगी में रौनक ला सकता है और सबसे महत्वपूर्ण बात
यह है कि जब तक जिंदगी में दूसरों को दे नहीं सकते तो
किसी से मांगने की उम्मीद मत रखो दोस्तों आप अगर
किसी से मांगते हो तो बदले में उसको भी कुछ दो
यह जिंदगी का उसूल है
मुझे उम्मीद है कि यह कहानी
दोस्तों आप सभी को अच्छी लगी होगी आपको यहां पर ढेर सारी कहानियां मिलेंगी
आशा करता हूं कि आप मेरी कहानी को पढ़कर खुश होंगे
दोस्तों आप सभी को अच्छी लगी होगी आपको यहां पर ढेर सारी कहानियां मिलेंगी
आशा करता हूं कि आप मेरी कहानी को पढ़कर खुश होंगे
और इससे आपको काफी कुछ जानने को मिला होगा तो
अगली कहानी में वापस आपसे मुलाकात होगी तब तक लिए
अपना ख्याल रखें सुरक्षित रहे इस कहानी को पढ़ने के लिए और
अपना कीमती समय देने के लिए
आपका शुक्रिया